इतिहास में ब्राह्मणों के सबसे बड़े नरसंहार
इतिहास के पन्नों में ब्राह्मणों के विरुद्ध कई ऐसी घटनाएँ दर्ज हैं जहाँ उन्हें धार्मिक, राजनीतिक या सामाजिक कारणों से लक्षित किया गया। इनमें से कुछ घटनाएँ युद्ध के दौरान हुईं, तो कुछ लक्षित अत्याचार का परिणाम थीं। यहाँ इतिहास के दस प्रमुख घटनाक्रम दिए गए हैं जहाँ ब्राह्मणों को बड़े पैमाने पर हिंसा का सामना करना पड़ा: 1. कश्मीरी पंडितों का निष्कासन और नरसंहार (1989-1990) यह आधुनिक भारत की सबसे दुखद घटनाओं में से एक है। कश्मीर घाटी में इस्लामी कट्टरपंथ के उदय के कारण लाखों कश्मीरी पंडितों को अपना घर छोड़ना पड़ा। इस दौरान सैकड़ों की हत्या की गई, महिलाओं के साथ अत्याचार हुआ और उन्हें अपनी ही भूमि पर शरणार्थी बनने पर मजबूर होना पड़ा। 2. चितपावन ब्राह्मणों का नरसंहार (1948) महात्मा गांधी की हत्या के बाद, महाराष्ट्र में विशेष रूप से चितपावन ब्राह्मण समुदाय को हिंसा का निशाना बनाया गया। भीड़ ने उनके घरों, व्यवसायों और संस्थानों को जला दिया। यह हिंसा महाराष्ट्र के कई जिलों में फैली, जिसमें हजारों लोग प्रभावित हुए। आज भी महाराष्ट्र इस ब्राह्मण दुर्भावना से ग्रसित है । अक्सर ब्राह्मणों के लड़किय...