Narendra Modi : 2014 बनाम 2025: कैसे बदला भारत का ऊर्जा चेहरा?"

नरेंद्र मोदी सरकार द्वारा विद्युतीकरण की सफलता: एक उज्जवल भविष्य की ओर

भारत में विद्युतीकरण एक महत्वपूर्ण विकासात्मक लक्ष्य रहा है, जिसका उद्देश्य देश के हर कोने तक बिजली पहुँचाना और नागरिकों के जीवन स्तर में सुधार लाना है. एक ऐसे राष्ट्र के लिए जहाँ विकास की गति को बनाए रखना आवश्यक है, बिजली की निर्बाध आपूर्ति एक बुनियादी आवश्यकता है. नरेंद्र मोदी के नेतृत्व वाली सरकार ने इस दिशा में महत्वपूर्ण और बहुआयामी प्रयास किए हैं, जिसके परिणामस्वरूप ग्रामीण और शहरी दोनों क्षेत्रों में बिजली की पहुँच और उपलब्धता में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है. "सौभाग्य योजना" जैसी पहलें इस सफलता की आधारशिला बनी हैं, जिससे लाखों घरों में रोशनी पहुँची है और देश एक उज्जवल भविष्य की ओर अग्रसर हुआ है.

प्रमुख योजनाएँ और उपलब्धियाँ:

मोदी सरकार ने विद्युतीकरण को गति देने के लिए कई महत्वाकांक्षी योजनाएँ शुरू कीं, जिनके परिणाम स्वरूप देश के ऊर्जा परिदृश्य में एक बड़ा बदलाव आया है:

1. विद्युत उत्पादन क्षमता में वृद्धि और ऊर्जा की कमी में कमी:
    मनमोहन सिंह सरकार के कार्यकाल के अंत तक (2014): भारत की स्थापित विद्युत उत्पादन क्षमता लगभग 249 गीगावाट (GW) थी.
    नरेंद्र मोदी सरकार के कार्यकाल में (नवंबर 2024 तक): यह क्षमता बढ़कर 457 गीगावाट (GW) हो गई है, जो लगभग 83.8% की उल्लेखनीय वृद्धि दर्शाती है. यह वृद्धि देश की बढ़ती ऊर्जा मांगों को पूरा करने की सरकार की क्षमता को उजागर करती है.
     इसके साथ ही, देश में ऊर्जा की कमी (Energy Shortage) जो 2014 में 4.2% थी, वह 2025 में घटकर मात्र 0.1% रह गई है, जो बिजली की उपलब्धता और वितरण में अभूतपूर्व सुधार को दर्शाता है. यह कमी उद्योगों, कृषि और घरेलू उपभोक्ताओं के लिए बिजली की निरंतर आपूर्ति सुनिश्चित करती है.

2. बिजली की उपलब्धता में भारी सुधार:
    मोदी सरकार में सरकारी डेटा बिजली कनेक्शन के साथ-साथ उसकी उपलब्धता में भी भारी सुधार दिखाता है:
    ग्रामीण क्षेत्र: 2014 में औसत आपूर्ति 12.5 घंटे थी, जो 2025 में बढ़कर 22.6 घंटे हो गई है. यह ग्रामीण जीवन में एक क्रांतिकारी परिवर्तन है, जो शिक्षा, स्वास्थ्य और आर्थिक गतिविधियों को बढ़ावा देता है.
    शहरी क्षेत्र: शहरी क्षेत्रों में अब औसत आपूर्ति 23.4 घंटे प्रतिदिन है. यह वृद्धि देश के दूरदराज के इलाकों तक चौबीसों घंटे बिजली पहुँचाने की सरकार की प्रतिबद्धता को दर्शाती है, जिससे नागरिकों के जीवन की गुणवत्ता में सीधा सुधार हुआ है.

3. **रेलवे विद्युतीकरण में ऐतिहासिक प्रगति:**
      **मनमोहन सिंह सरकार के कार्यकाल के अंत तक (2014):** आजादी से लेकर 2014 तक भारतीय रेलवे के कुल नेटवर्क का लगभग **33% (21,801 किमी)** विद्युतीकृत था.
    * **नरेंद्र मोदी सरकार के कार्यकाल में (2014 से 2025 के बीच):** **46,900 किमी से अधिक** रेलवे ट्रैक का विद्युतीकरण किया गया है. यह एक महत्वाकांक्षी लक्ष्य था जिसे तीव्र गति से हासिल किया गया है.
    * इस तीव्र गति के परिणामस्वरूप, अब भारतीय रेलवे का **99% से अधिक ब्रॉड-गेज नेटवर्क** विद्युतीकृत हो चुका है, जिससे पर्यावरण के अनुकूल, अधिक कुशल और तेज रेल यात्रा संभव हुई है. यह न केवल ईंधन लागत बचाता है बल्कि कार्बन उत्सर्जन को भी कम करता है.

4. **ग्रामीण विद्युतीकरण:**
    * सरकार के प्रयासों से ग्रामीण विद्युतीकरण में अभूतपूर्व सफलता मिली है. 2014 के बाद से, भारतीय गांवों में बिजली की पहुंच में काफी वृद्धि हुई है. एक रिपोर्ट के अनुसार, 2014 में 88% भारतीय गांवों में बिजली की पहुंच थी, जो बाद में और बढ़ी है.
    * नीति आयोग के पूर्व उपाध्यक्ष अरविंद पनगढ़िया ने आयुष्मान भारत, पीएम किसान, रसोई गैस, ग्रामीण सड़क और ग्रामीण विद्युतीकरण जैसी योजनाओं के सफल क्रियान्वयन को मोदी सरकार की बड़ी सफलता बताया है.

5. **नवीकरणीय ऊर्जा पर जोर:**
    * सरकार ने जीवाश्म ईंधन पर निर्भरता कम करने और स्वच्छ ऊर्जा को बढ़ावा देने के लिए नवीकरणीय ऊर्जा स्रोतों, विशेष रूप से सौर ऊर्जा पर विशेष ध्यान दिया है.
    * हाल ही में, प्रधान मंत्री मोदी ने बताया कि देश में 50% बिजली अब गैर-जीवाश्म ईंधन से आ रही है, और भारत ने 2030 से पहले ही इस लक्ष्य को हासिल कर लिया है. यह भारत की ऊर्जा सुरक्षा और जलवायु परिवर्तन के प्रति प्रतिबद्धता को दर्शाता है.
    * **पीएम सूर्य घर योजना:** इस योजना के तहत, सरकार घरों की छतों पर सोलर पैनल लगवाने के लिए भारी सब्सिडी प्रदान कर रही है. धमतरी जिले में 4000 से अधिक परिवारों ने इस योजना के लिए आवेदन किया है, जो इसकी जबरदस्त सफलता को दर्शाता है और नागरिकों को ऊर्जा के स्वच्छ स्रोत अपनाने के लिए प्रोत्साहित करता है.

6. **विद्युत वितरण में सुधार:**
    * सरकार ने विद्युत वितरण नेटवर्क को मजबूत करने और घाटे को कम करने के लिए भी कदम उठाए हैं.
    * अगस्त 2025 में, प्रधान मंत्री उत्तर गुजरात विज कंपनी लिमिटेड (UGVCL) के अंतर्गत अहमदाबाद, मेहसाणा और गांधीनगर में विद्युत वितरण परियोजनाओं का उद्घाटन करेंगे, जिससे राज्य में विद्युत क्षेत्र को एक बड़ा बढ़ावा मिलेगा. यह वितरण हानियों को कम करने और आपूर्ति की विश्वसनीयता बढ़ाने में मदद करेगा.

7. **प्रधान मंत्री सहज बिजली हर घर योजना (सौभाग्य योजना):**
    * अक्टूबर 2017 में शुरू की गई इस योजना का मुख्य उद्देश्य देश के सभी शेष गैर-विद्युतीकृत घरों को बिजली कनेक्शन प्रदान करना था. यह योजना "सबको बिजली" के लक्ष्य को प्राप्त करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम थी.
    * इस योजना के तहत, ग्रामीण और शहरी दोनों क्षेत्रों में गरीब परिवारों को मुफ्त बिजली कनेक्शन दिए गए. यह योजना ग्रामीण विद्युतीकरण के लिए एक गेम-चेंजर साबित हुई, जिससे उन लाखों घरों में रोशनी पहुँची जहाँ कभी अंधेरा था.
    * एसडीजी इंडिया इंडेक्स 2023-24 के अनुसार, सौभाग्य योजना के तहत 100% घरों में बिजली की पहुंच है, जो इस योजना की व्यापक सफलता का प्रमाण है.

**निष्कर्ष:**

नरेंद्र मोदी सरकार के तहत विद्युतीकरण की सफलता भारत के विकास गाथा का एक महत्वपूर्ण अध्याय है. विद्युत उत्पादन क्षमता में उल्लेखनीय वृद्धि, ऊर्जा की कमी में भारी कमी, बिजली की उपलब्धता में सुधार, रेलवे विद्युतीकरण में ऐतिहासिक प्रगति, नवीकरणीय ऊर्जा पर ध्यान केंद्रित करने, और "सौभाग्य योजना" जैसी पहलों के माध्यम से, सरकार ने न केवल लाखों घरों को रोशन किया है, बल्कि देश को एक अधिक टिकाऊ और ऊर्जा-कुशल भविष्य की ओर भी अग्रसर किया है. यह सफलता नागरिकों के जीवन में सकारात्मक बदलाव लाने और आर्थिक विकास को गति देने में सहायक सिद्ध हुई है. भारत अब ऊर्जा के क्षेत्र में आत्मनिर्भरता की ओर बढ़ रहा है और वैश्विक स्तर पर स्वच्छ ऊर्जा के एक प्रमुख प्रस्तावक के रूप में उभर रहा है. यह प्रयास एक सशक्त और प्रगतिशील भारत की नींव रख रहे हैं.

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